Cricket

test

फ्लिंटॉफ को युवराज सिंह से बहस करना महंगा पड़ा.666666

 


युवराज सिंह के छह छक्के क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार घटनाओं में से एक हैं। यह कारनामा 19 सितंबर 2007 को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए *टी20 वर्ल्ड कप* के मैच में हुआ था। आइए इस ऐतिहासिक पल के बारे में विस्तार से जानते हैं:


### *घटना का विवरण*  

1. *मैच की स्थिति:*  

   - यह टी20 वर्ल्ड कप का सुपर 8 का मुकाबला था।  

   - भारत पहले बल्लेबाजी कर रहा था।  


2. *ओवर की शुरुआत:*  

   - 18वां ओवर फेंकने आए इंग्लैंड के तेज गेंदबाज *स्टुअर्ट ब्रॉड*।  

   - इससे पहले ओवर में युवराज और इंग्लैंड के ऑलराउंडर *एंड्रयू फ्लिंटॉफ* के बीच कहा-सुनी हो गई थी, जिसने युवराज को और आक्रामक बना दिया।  


3. *छह गेंद, छह छक्के:*  

   - *पहली गेंद:* फुल लेंथ डिलीवरी, जिसे युवराज ने डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्के के लिए भेजा।  

   - *दूसरी गेंद:* बैक ऑफ लेंथ गेंद, जो फ्लैट बैट के जरिए स्क्वायर लेग बाउंड्री पार गई।  

   - *तीसरी गेंद:* स्टंप्स के पास फुल टॉस, जिसे लॉन्ग-ऑन के ऊपर मारा।  

   - *चौथी गेंद:* ऑफ साइड की ओर गुड लेंथ डिलीवरी, जिसे पॉइंट के ऊपर से छक्के में बदला।  

   - *पांचवीं गेंद:* एक और फुल लेंथ गेंद, जो डीप मिडविकेट के ऊपर से चली गई।  

   - *छठी गेंद:* सीधे बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से, दर्शकों के बीच।  


### *रिकॉर्ड और उपलब्धियां*  

1. *टी20 क्रिकेट में पहले खिलाड़ी:*  

   युवराज सिंह टी20 इंटरनेशनल में एक ही ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।  

   

2. *तेज़तर्रार अर्धशतक:*  

   युवराज ने महज *12 गेंदों* में अर्धशतक पूरा किया, जो आज भी अंतरराष्ट्रीय टी20 में सबसे तेज़ है।  


3. *टीम का स्कोर:*  

   इस ओवर ने भारत के स्कोर को 200 से ऊपर पहुंचा दिया। भारत ने 218/4 का स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 18 रन से हराया।  


### *महत्व और प्रभाव*  

यह कारनामा युवराज की आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता का उदाहरण है। यह क्षण क्रिकेट प्रशंसकों के दिल में आज भी ताजा है और युवराज की गिनती दुनिया के महानतम सीमित ओवरों के बल्लेबाजों में होती है।  


*युवराज के शब्द:*  

बाद में उन्होंने कहा कि फ्लिंटॉफ के साथ हुई बहस ने उन्हें और ज्यादा आक्रामक बना दिया था।  


युवराज सिंह के ये छह छक्के न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का पल थे, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि कैसे जुनून और कौशल से इतिहास रचा जा सकता है।






No comments:

Powered by Blogger.